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पहले जैसा जटिल और बोझिल नहीं है नया आईटीआर फॉर्म

काफी शोरगुल के बाद अखिरकार सरकार नया आईटीआर फॉर्म ले ही आई और पुराने आईटीआर फॉर्म को रद्द करना पड़ा। सरकार ने नए फॉर्म में भी विदेशी यात्राओं के जिक्र और बैंक अकाउंट की जानकारी

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पहले जैसा जटिल और बोझिल नहीं है नया आईटीआर फॉर्म

काफी शोरगुल के बाद अखिरकार सरकार नया आईटीआर फॉर्म ले ही आई और पुराने आईटीआर फॉर्म को रद्द करना पड़ा। सरकार ने नए फॉर्म में भी विदेशी यात्राओं के जिक्र और बैंक अकाउंट की जानकारी के उल्लेख को यथावत रखा है हालांकि इस फॉर्म को काफी हद तक सीमित किया गया है और साथ ही साथ इस फॉर्म में अपेक्षित जानकारियों को पाने की सुविधा को भी बरकरार रखा गया है। नया फॉर्म अब पहले जैसा जटिल और बोझिल नहीं है, जैसा कि पहले वाले फॉर्म में प्रस्तावित था, जिसे वापस लेना पड़ा।

नया फॉर्म फॉर्म नंबर आईटीआर 2 और आईटीआर 2ए सिर्फ तीन पेजों के ही होंगे। अन्य सभी सूचनाओं को अनुसूचियों के दायरे में ला दिया गया है, जिन्हें मांग के मुताबिक भरना होगा। इससे पहले वाले फॉर्म में करदाताओं को अपनी सभी विदेशी यात्राओं का विवरण यानी यात्राओं के दौरान की गई खर्च की राशि का भी जिक्र करना पड़ता था। लेकिन अब नए फॉर्म में अगर आपके पास भारतीय पासपोर्ट है तो आपको उसका प्रमाण भर देना होगा। यह एक सराहनीय प्रयास है और इसके जरिए सरकार को भी काफी मदद मिलेगी। ऐसे में अगर कोई भी पासपोर्टधारक अपने पासपोर्ट के जरिए विदेशी यात्राएं करता है तो वह हरदम सरकार की निगाह में रहेगा और वह कभी भी उस व्यक्ति की तमाम यात्राओं का लेखा जोखा निकाल सकती है। ऐसे में आयकर विभाग करदाता से उसकी विदेशी यात्राओं के खर्च को बताने को कह सकता है। जहां तक आपके एक्टिव बैंक अकाउंट में जमा राशि के सभी विवरण देने की बात है, तो अब नए आईटीआर फॉर्म में आपको सिर्फ अपने बैंक अकाउंट का नंबर और उस बैंक का आईएफएससी कोड भर देना होगा। ये सभी जानकारियां उन खातों की होंगी जो फिलहाल एक्टिव हैं। नए फॉर्म में ऐसे बैंक खातों में कितना पैसा जमा है इसकी जानकारी देना अब जरूरी नहीं है। अब नए फॉर्म में आपको उन खातों की जानकारी नहीं देनी होगी जो फिलहाल सेवा में नहीं हैं।    

सरकार इंडीविजुअल और हिंदू अनडिवाइडेड फैमली के लिए भी नया आईटीआर 2ए फॉर्म भी लाई है। यह फॉर्म उन करदाताओं के लिए जरूरी होगा जिन्हें कैपिटल गेन प्रॉफिट न हो रहा हो, किसी बिजनेस और कामकाज से लाभ न हो रहा हो। साथ ही साथ यह उन करदाताओं के लिए भी है जिनके पास विदेश में कोई संपत्ति न हो। इस नए फॉर्म से उनक करदाताओं को सीधा लाभ मिलेगा जो वैतनिक कर्मचारी हैं, बाकायदा रिटर्न भरते हैं। उन्हें न तो कैपिटल गेन प्रॉफिट हो रहा होता है, न ही उन्हें किसी धंधे से कोई लाभ मिल रहा होता है और न ही उन्होंने विदेश में यात्राएं की होती हैं। कुल मिलाकर कोई भी करदाता आईटीआर 1 (सहज) और आईटीआर 4एस (सुगम) फॉर्म भर सकता है, जिसकी अच्छी खासी कर मुक्त आय हो रही है, बशर्ते वह कृषि से हो रही हो।