5) जब तेंदुलकर गुस्से में उफनते हुए ड्रेसिंग रूम में घुसे ( शायद द्रविड़ को घूसा भी मारना चाहते थे)-
यह बात तब की है जब 2004 में मुल्तान टेस्ट के दौरान सचिन अपने शतक से सिर्फ 6 रन ही पीछे थे। तभी कार्यवाहक कप्तान राहुल द्रविड़ ने पारी की घोषणा कर दी। इस फैसले से तेंदुलकर न सिर्फ भौचक्के रह गये बल्कि वो गुस्सा भी खूब हुए। ड्रेसिंग रूम में उपस्थित खिलाड़ियों को लगा कि अब यहां तमाशा होगा। लेकिन सचिन ने संयम से काम लेते हुए द्रविड़ से कहा कि ''मुझे अकेला छोड़ दो''। उसके बाद राइट और गांगुली ने इस बात पर सचिन से माफी मांगी।
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