India TV Sports Desk
Published : Jun 29, 2015 01:15 pm IST, Updated : Jun 29, 2015 02:26 pm IST
भारत में इंडियन प्रीमियर लीग के साथ ही पहली बार लोगों का परिचय हुआ चीयरलीडर्स से। क्रिकेट में पहली बार चीयरलीडर्स का प्रयोग दक्षिण अफ्रीका में आयोजित पहले टी-20 विश्वकप में हुआ था और तब
नेशनल फुटबॉल लीग ने चीयरलीडिंग की परिभाषा ही बदल दी। चीयरलीडर्स बनने के लिए दो योग्यताएं ज़रुरी हो गईं, पहली छरहरी काया(सेक्स अपील) और दूसरी डांस।