बीसीसीआई ने सचिन, सौरभ और लक्ष्मण को इसीलिए सलाहकार इसलिए बनाया है ताकि वे भारतीय क्रिकेट के मामलों में अपनी राय दे सकें। इन तीनों से कोई भी खिलाड़ी कभी भी मिलकर अपनी बात कह सकता है। लेकिन शास्त्री इसके ख़िलाफ़ हैं।
विडंबना ये है कि बीसीसीआई की ये सलाहकार समिति टीम इंडिया के कोच की नियुक्ति में अपनी राय देने का अधिकार भी रखती है।
वहीं, अब शास्त्री के इस फैसले से टीम इंडिया के कोच की नियुक्ति पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। गौरतलब हैं कि भारतीय क्रिकेट के दो दिग्गज खिलाड़ी शास्त्री और गांगुली आक्रामक स्वभाव के हैं और अपनी बात कहने और अपनी शर्तों पर काम करने के लिए जाने जाते हैं।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही ऐसी खबरें आई थीं कि बीसीसीआई 7 करोड़ रुपए की सालाना सैलरी पर रवि शास्त्री को दो साल के लिए टीम इंडिया का कोच बनाने के मूड में है। यदि ऐसा होता है तो शास्त्री सबसे महंगे कोच होंगे। वर्ल्ड कप 2015 के बाद डंकन फ्लेचर का कार्यकाल समाप्त होने के बाद से ही टीम इंडिया के कोच की तलाश की जा रही है।
शास्त्री की शर्त का कारण?
Latest Cricket News