
6) जब कपिल देव ने डॉन दाउद इब्राहिम को निकाला ड्रेसिंग रूम से बाहर-
कुख्यात तस्कर और मुंबई विस्फोट में आरोपी दाऊद इब्राहिम मैच फ़िक्सिंग के लिए बक़ायदा एक गैंग चलाता है। ये गैंग ही खिलाड़ियों से मंहगें उपहार या मोटी रकम के बदले मैच फिक्स कराने के लिए संपर्क करता है। भारतीय टीम को भी दाऊद की गैंग ने लुभाने की कोशिश की थी। कुछ तो इसके झांसे में आ गए लेकिन कुछ ईमानदार खिलाड़ियों ने उन्हें फटकार लगा दी। भारत के महान हरफ़ानमौला कपिल देव भी इन्हीं में से एक हैं। 1987 में शरजाह में एक मैच के दौरान कपिल ने दाऊद को बेइज़्ज़्त करके ड्रेसिंग रुम से बाहर निकाल दिया था। दलीप वेंगसरकर, जो उस समय भारतीय टीम के सदस्य थे, उन्होंने बताया, “दाऊद ने कहा था कि अगर तुम लोग टूर्नामेंट जीतते हैं तो मैं हर खिलाड़ी को एक-एक टोयोटा कार दूंगा।”ज़ाहिर है कि दाऊद का प्रस्ताव वहीं ठुकरा दिया गया। पूर्व कप्तान कपिल देव को कार के तोहफे के बारे में तो कुछ नहीं मालूम लेकिन इतना याद है कि एक सज्जन हमारे ड्रेसिंग रुम में घुसे चला आए थे और खिलाड़ियों से बात करना चाहते थे।
उन्होंने कहा " मैंने उसे कमरे से फ़ौरन बाहर जाने को कहा क्योंकि बाहर के लोगों को ड्रेसिंग रुम में आने की इजाज़त नहीं होती। दाऊद ने कपिल को सुना और बग़ैर कुछ कहे चुपचाप कमरे से बाहर चला गया। बाद में किसी ने मुझे बताया कि वो बॉम्बे का स्मग्लर था।" इस घटना का ज़िक्र बीसीसीआई के पूर्व सचिव जयवंत लेले की किताब 'आई वाज़ देअर – मेमोरीज़ ऑफ़ ए क्रिकेट एडमिनिस्ट्रेटर' में भी है।