
3- जडेजा के मोह से उबरना होगा
रवीन्द्र जडेजा टीम इंडिया में क्यों है यही बात समझ में नहीं आती फिर उन्हें 11 में रखने की तो बात ही एकदम अलग है। जडेजा धोनी के चहेते किलाड़ियों में माने जाते हैं और वह उनके साथ चेन्नई सुपर किंग्स के लिए भी खेलते हैं।
जडेजा ने आखिरी यादगार पारी 2014 में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ खेली थी जिसमें उन्होंने 87 रन बनाए थे। इसके बाद उन्होंने 13 से ज़्यादा पारियां खेली हैं लेकिन एक भी ऐसी पारी नहीं है जिसका यहां ज़िक्र किया जाए। गेंदबाज़ के रुप में भी वह प्रभावहीन ही रहे हैं।
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