
4) रैना चमके बल्ले बॉल से
सुरेश रैना को ऑलराउंडर माना जाता है और उनसे बैट और बॉल दोनों से योगदान की उम्मीद की जाती है। रैना ने पहले वनडे में 10 ओवर में 40 रन दिए लेकिन कोई विकेट नहीं लिया हालंकि उन्होंन 40 रन बनाए। दूसरे वनडे में उन्होने दो ओवर में 14 रन दिए और 34 रन बनाए। तीसरे वनडे में रैना 21 गेंद पर 38 रन बनाने के साथ-साथ अपनी शानदार गेंदबाजी से 3 विकेट झटक कर ''मैन आफ द मैच'' भी बने। गेंदबाज़ी में ये उनका सर्वश्रेष्ठ रैना ने मुश्फिकुर रहीम, शाकिब अल हसन और रूबेल को अपना शिकार बनाया। बैट के साथ साथ बॉल से उनके प्रदर्शन ने भारत के लिए जीत आसान कर दी।
5) बेहतरीन फिल्डिंग-
तीसरे एकदिवसीय मैच में भारतीय टीम के खिलाड़ियों की फील्डिंग भी पहले की तुलना में बेहतर रही पहले वनडे मैच में खिलाड़ियों ने 7 कैच बले ही पकड़ा हो लेकिन मेजबान टीम ने पूरा 49 ओवर खेलकर अपना 307 स्कोर पंहुचा ही दिया था। जबकी दूसरे वनडे में भारतीय खिलाड़ियों ने मात्र 2 कैच ही पकड़े थे लेकिन तीसरे वनडे में भारतीय खिलाड़ियों ने 4 कैच पकड़कर बांग्लादेश को 240 पर ही आउट कर दिया। और मैच में जीत हासिल कर लिया। जैसा कि कहा जाता है।