2. विश्व कप में गावस्कर की कछुआ रफ़्तार पारी

पहले विश्व कप में गावस्कर की पारी को क्रिकेट के इतिहास की सबसे बोरिंग पारी का दर्जा हासिल है। भारत को जीत के लिए 335 रन बनाने थै जो ज़ाहिर है एक असंभव बात थी हालंकि भारत ये मैच लड़कर भी हार सकता था।
गावस्कर ने पूरे 60 ओवर खेलकर सिर्फ 36 रन बनाए। बाद में उस समय के भारतीय टीम के कप्तान वेंकटराघवन ने कहा, “बहुत बुरा लगा। उन्होंने (गावस्कर) पूरी टीम, दर्शकों और खेल को शर्मिंदा कर दिया था।”
गावस्कर ने बाद में अपनी किताब सनी डेज़ में लिखा, “कई बार मैंने विकेट से हटने के बारे में सोचा ताकि बोल्ड हो जाऊं लेकिन न तो मैं आउट हो रहा था और न ही रन बना पा रहा था।”