
खिलाड़ियों के हौसलाअफ़ज़ाई में लड़कियों का आना एक इत्तफ़ाक था। दूसरे विश्वयुद्ध की वजह से लड़के सेना की ट्रेनिंग और एथलेटिक्स की ट्रेनिंग के लिए चले गए और तब ये काम लड़कियों को संभालना पड़ा।

खिलाड़ियों के हौसलाअफ़ज़ाई में लड़कियों का आना एक इत्तफ़ाक था। दूसरे विश्वयुद्ध की वजह से लड़के सेना की ट्रेनिंग और एथलेटिक्स की ट्रेनिंग के लिए चले गए और तब ये काम लड़कियों को संभालना पड़ा।