
1960-70 के दशक में चीयरलीडिंग पर लड़कियों का कब्ज़ा हो गया। ये वो समय था, जब लगभग हर स्कूली स्तर के खेलों में शामिल होने वाली टीमों के पास अपनी चीयरलीडिंग टीमें होती थीं।

1960-70 के दशक में चीयरलीडिंग पर लड़कियों का कब्ज़ा हो गया। ये वो समय था, जब लगभग हर स्कूली स्तर के खेलों में शामिल होने वाली टीमों के पास अपनी चीयरलीडिंग टीमें होती थीं।