मिड कैप और स्मॉल कैप स्टॉक्स ने मार खाने के बाद 2 साल के अंदर ही निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है। भारतीय शेयर बाजार में अभी एक हेल्दी करेक्शन हुआ है और इसका असर आने वाले समय में देखने को मिल सकता है।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों के बेहतर प्रदर्शन की मुख्य वजह घरेलू स्तर पर नकदी में उछाल है।
इस साल 27 दिसंबर तक बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक 940.72 अंक यानी 3.19 प्रतिशत नीचे आया।
मोदी सरकार के कार्यकाल में स्मॉलकैप कंपनी यूनिप्लाई इंडस्ट्रीज, मंगलम ड्रग्स, क्यूपिड, इंडो काउंट इंडस्ट्रीज के शेयरों ने 6000% का बड़ा रिटर्न दिया है।
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