कुंडली के किस भाव में बैठा शनि शुभ होता है?

कुंडली के किस भाव में बैठा शनि शुभ होता है?

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शनि ग्रह को ज्योतिष में न्याय का देवता और न्यायाधीश के नाम से भी जाना जाता है।

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शनि एक एक ऐसे ग्रह हैं जो व्यक्ति के जीवन में मुश्किल परिस्थितियां पैदा करके उसे काफी कुछ सिखाते हैं।

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हालांकि, शनि को ज्योतिष में पाप ग्रह कहा गया है लेकिन कुछ ऐसे भाव और स्थितियां हैं जिनमें शनि आपको शुभ फल प्रदान कर सकते हैं।

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ऐसे में आइए जान लेते हैं कि कुंडली के किन भावों में किन स्थितियों में शनि सबसे अधिक शुभ होते हैं।

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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब भी शनि दसवें या एकादश भाव में विराजमान होते हैं तो व्यक्ति को शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

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वहीं कुंडली में जब शनि अपनी उच्च राशि तुला में बैठे होते हैं तब भी व्यक्ति को शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

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शनि अगर अपनी राशियों मकर और कुंभ में विराजमान हों तो व्यक्ति जीवन में सकारात्मक फल पा सकता है।

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इसके साथ ही शुक्र, गुरु जैसे शुभ ग्रहों की दृष्टि अगर शनि पर पड़ रही हो तब भी शनि व्यक्ति को ज्यादा परेशान नहीं करते।

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अगर ऐसी ही स्थिति आपकी कुंडली में भी बनी है तो शनि का प्रभाव आपके जीवन में सकारात्मक हो सकता है।

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