

'नमस्ते लंदन' में अक्षय कुमार की वो स्पीच तो आपको याद ही होगी, जिसने अंग्रेजों को भी हैरत में डाल दिया था और कैटरीना भी ताली बजाने पर मजबूर हो गई थीं।
Image Source : Instagramइस फिल्म में भारत की सभ्यता के साथ साथ हिंदी के महत्व को भी समझाया गया। अक्षय कुमार की इस फिल्म को लोगों का भी खूब प्यार मिला।
Image Source : Instagramदिवंगत बॉलीवुड एक्टर इरफान खान की 'हिंदी मीडियम' भी भुलाई नहीं जा सकती। इस फिल्म में भी हिंदी को खास महत्व दिया गया है।
Image Source : Instagramइरफान खान को फिल्म में अंग्रेजी बोलना नहीं आता, लेकिन अंत में वो लोगों अपनी स्पीच से हैरत में डाल देते हैं और हिंदी का असल मोल बताते हैं।
Image Source : Instagramश्रीदेवी की फिल्म 'इंग्लिश विंग्लिश' के नाम से ही जाहिर हो रहा है कि फिल्म भाषा पर जोर है। श्रीदेवी एक हाउसवाइफ के रोल में होती हैं जिसे अंग्रेजी नहीं आती है।
Image Source : Instagram'इंग्लिश विंग्लिश' में ये संदेश दिया गया है कि किस तरह भारत में विदेशी भाषा को इतना बड़ा बना दिया गया कि हिंदी बोलने वाले छोटे लगते हैं।
Image Source : Instagramबॉलीवुड में हिंदी भाषा के महत्व को सालों पहले ही दिखाया गया था। 1979 में आई फिल्म ‘गोलमाल’ ने हिंदी भाषा का सही प्रचार किया।
Image Source : Instagramइस फिल्म में अमोल पालेकर लीड रोल में नजर आए थे। इस फिल्म में भी हिंदी की दुर्दशा और महत्व को बहुत ही बारिकी से समझाया गया है।
Image Source : Instagramइस लिस्ट में धर्मेंद्र और अमिताभ बच्चन की पॉपुलर फिल्म ‘चुपके-चुपके’ का नाम भी आता है, जिसने भी उनकी हिंदी सुनी वो हैरत में पड़ गया
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