

मैक्स हॉस्पिटल के सीनियर डॉक्टर विमल दस्सी ने बताया बाद अंगदान का समय बेहद संवेदनशील होता है
Image Source : Freepikमृत्यु के बाद अंगदान का समय इस बात पर निर्भर करता है कि व्यक्ति की मृत्यु ब्रेन डेड या कार्डियक अरेस्ट से हुई है
Image Source : Freepikब्रेन डेड व्यक्ति का मस्तिष्क हमेशा के लिए काम करना बंद कर देता है, लेकिन वेंटिलेटर की मदद से दिल धड़कता रहता है
Image Source : Freepikब्रेन डेड होने पर अंगों को तुरंत सुरक्षित निकालकर प्रत्यारोपण किया जा सकता है
Image Source : Freepikकार्डियक डेथ यानी हार्ट बंद होने के बाद कुछ अंग केवल कुछ मिनटों से लेकर कुछ घंटों के भीतर ही निकाले जा सकते हैं
Image Source : Freepikजैसे हृदय को 4-6 घंटे के भीतर, जबकि किडनी को 24 घंटे के भीतर प्रत्यारोपित करना बेहतर माना जाता है
Image Source : Freepikइसलिए मृत्यु के बाद अंगदान का समय बेहद संवेदनशील होता है तुरंत डॉक्टर को जानकारी दें
Image Source : Freepikप्रशिक्षित चिकित्सा टीम को मौत के तुरंत बाद ही अपनी प्रक्रिया शुरू करनी पड़ती है
Image Source : Freepikअंग दान को महादान कहा जाता है और मरने के बाद भी आपके अंग किसी को जीवन देकर जाते हैं
Image Source : FreepikNext : रात में या लेटते समय खांसी आना किस बीमारी का संकेत है?