

टीबी और फेफड़ों का कैंसर दोनों ही फेफड़ों से संबंधित बीमारियां हैं, लेकिन इनमें अंतर होते हैं। वैशाली में स्थित मैक्स अस्पताल में निदेशक- पल्मोनोलॉजी, डॉ. शरद जोशी बता रहे हैं कि इन दोनों में क्या अंतर है?
Image Source : UNSPLASHटीबी एक बैक्टीरियल संक्रमण है, जो Mycobacterium tuberculosis नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। यह बैक्टीरिया फेफड़ों में संक्रमण करता है और धीरे-धीरे क्षति पहुंचाता है।
Image Source : unsplashलंग कैंसर फेफड़ों की कोशिकाओं में असामान्य वृद्धि के कारण होता है। यह धूम्रपान या प्रदूषण से होता है।
Image Source : unsplashटीबी के लक्षणों में लंबे समय तक खांसी, बुखार, पसीना आना, वजन कम होना और थकान शामिल हैं। खांसी में खून भी आ सकता है।
Image Source : unsplashफेफड़ों का कैंसर में भी खांसी, सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द, वजन कम होना और थकान जैसे लक्षण हो सकते हैं, लेकिन यह लक्षण टीबी से अधिक गंभीर होते हैं।
Image Source : unsplashटीबी का इलाज एंटीबायोटिक्स से किया जाता है। इसे ठीक होने में कई महीने लग सकते हैं और मरीज को पूरी दवाई की कोर्स को खत्म करना होता है।
Image Source : unsplashफेफड़ों का कैंसर का इलाज सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडियेशन और इम्यूनोथेरेपी से किया जाता है। इलाज का तरीका कैंसर के स्टेज और प्रकार पर निर्भर करता है।
Image Source : unsplashटीबी एक संक्रामक रोग है जो बैक्टीरिया से होता है, फेफड़ों का कैंसर असामान्य कोशिका वृद्धि से उत्पन्न होता है। टीबी का इलाज अपेक्षाकृत सरल होता है, जबकि कैंसर का इलाज कठिन और अधिक लंबा हो सकता है।
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