

एक्सपर्ट के अनुसार, सावन के महीने में हरी पत्तेदार सब्जियों को डाइट में नहीं शामिल करना चाहिए। जानें इसके पीछे के धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों कारण
Image Source : SORA AIबारिश की वजह से सावन के महीने में नमी बढ़ जाती है। इस वजह से हरी पत्तेदार सब्ज़ियों में बैक्टीरिया और कीड़े पड़ने की संभावना बढ़ जाती है।
Image Source : SORA AIइन सब्जियों को कितना भी धोएं इन्हें निकालना मुश्किल होता है, जिससे पेट से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
Image Source : SORA AIबारिश होने से इस मौसम में इम्यून सिस्टम स्लो हो जाता है जिससे लोगों के पाचन तंत्र पर बुरा असर पड़ता है।
Image Source : SORA AIहरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ पचने में भारी होती हैं ऐसे में इन्हें खाने से गैस, ब्लोटिंग, अपच और एसिडिटी जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।
Image Source : SORA AIवहीं, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन का महीना शिव को समर्पित है। और हरी पत्तेदार सब्ज़ियों को इस समय 'तामसिक' माना जाता है।
Image Source : SORA AIइसलिए सावन के महीने में आपको ऐसा भोजन करना चाहिए जो आसानी से पच सके और इम्यून को बेहतर करे।
Image Source : SORA AIइस मौसम में आप अपनी डाइट में मौसमी फल, आसानी से पचने वाली सब्ज़ियां जैसी लौकी, तोरी, परवल, कद्दू का सेवन कर सकते हैं।
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