

ब्रेस्ट कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसमें स्तन की कोशिकाएँ असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं और ट्यूमर बनाती हैं।
Image Source : UNSPLASHइसके लक्षणों में स्तन में गांठ होना, स्तन की त्वचा में बदलाव और उसका सिकुड़ना शामिल है। ऐसे में चलिए जानते हैं ब्रेस्ट कैंसर होने पर कौन से टेस्ट कराने चाहिए?
Image Source : FREEPIKब्रेस्ट कैंसर की जांच के लिए मैमोग्राफी मुख्य टेस्ट है जो स्तनों का एक्स-रे करके छोटे से छोटे ट्यूमर का पता लगा सकती है।
Image Source : FREEPIKमैमोग्राफी 40 साल की उम्र से शुरू करने और फिर नियमित रूप से कराने की सलाह दी जाती है, खासकर जिन महिलाओं के परिवार में स्तन कैंसर का इतिहास रहा हो।
Image Source : FREEPIKअगर मैमोग्राफी करने के बाद किसी मरीज में कुछ लक्षण या किसी भी तरह का बदलाव दिखे तो उस समय डायग्नोस्टिक मैमोग्राम टेस्ट किया जाता है।
Image Source : UNSPLASHब्रेस्ट अल्ट्रासाउंड तब किया जाता है जब मैमोग्राम के परिणाम अस्पष्ट होते है। यहध्वनि तरंगों का इस्तेमाल करके स्तन के ऊतकों की तस्वीरें लेता है।
Image Source : UNSPLASHब्रेस्ट एमआरआई उन कैंसर का पता लगाने में मदद करता है जो मैमोग्राफी या अल्ट्रासाउंड में नहीं दिखते हैं।
Image Source : freepikअगर इमेजिंग टेस्ट में कोई बदलाव पाया जाता है तो कैंसर की पुष्टि के लिए बायोप्सी भी किया जाता है है।
Image Source : freepikअगर आपको स्तन कैंसर के लक्षण दिखाई देते हैं, जैसे कोई गांठ महसूस होना, या कोई असामान्य परिवर्तन तो सबसे पहले अपने डॉक्टर से मिलें।
Image Source : freepikNext : शकरकंद में कौन सा विटामिन होता है?