

पुराण, वेद और बाकी धर्मग्रंथ में स्पष्ट बताया गया है कि व्यक्ति की मृत्यु के बाद भी कुछ चीजें उसके साथ अगले जन्म तक जाती हैं।
Image Source : social mediaहमारा शरीर हमारी आत्मा के लिए कपड़े की तरह है। शरीर किस तरह की आत्मा चुनता है, ये उसके कर्म पर निर्भर करता है।
Image Source : social mediaऐसी मान्यता है कि जीवित रहते हुए व्यक्ति जो गुण सीख लेता है वह उसके साथ मृत्यु के बाद भी जाते हैं। इसलिए अच्छा ज्ञान और गुण सीखें।
Image Source : social mediaग्रंथों के अनुसार, अगर किसी चीज को पाने की चाहत रखते हैं और वह चीज व्यक्ति को न मिले तो मृत्यु के बाद भी उस चीज की कामना बनी रहती है।
Image Source : social mediaगरुड़ पुराण के अनुसार, मृत्यु के बाद आत्मा तत्काल ही नया शरीर धारण कर लेती है, यानी आत्मा का दूसरा जन्म हो जाता है>
Image Source : social mediaकुछ आत्माओं को दूसरा शरीर धारण करने में तीन तो किसी को 10 से 13 दिन तो किसी को दूसरा जन्म सवा महीने बाद भी लगता है।
Image Source : social mediaमृतक का दूसरा जन्म किस योनि में और कितने दिन बाद होगा, यह उसके कर्मों और परिजनों द्वारा किए कर्मकांड पर निर्भर करता है।
Image Source : social mediaहालांकि आत्मा मरने के बाद कहां चली जाती है, इस सवाल का जवाब अबतक नहीं मिल पाया है। बस धर्मग्रंथों के आधार पर हम ये जान पाते हैं।
Image Source : social mediaपंडित श्रीराम शर्मा आचार्य की लिखी किताब में कहा गया है , 'शरीर से निकलने के बाद आत्माएं आमतौर पर कुछ समय तक विश्राम की स्थिति में होती हैं. इसके बाद वे नया शरीर धारण करती हैं।'
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