

दुनिया में बहुत कम शासक ऐसे हैं जिनके नाम के आगे 'द ग्रेट' यानी कि 'महान' लगा हुआ है।
Image Source : AIभारत में भी कम से कम 2 शासकों को इतिहासकारों ने यह सम्मान दिया है, पहला 'अशोक द ग्रेट' और दूसरा 'अकबर द ग्रेट'।
Image Source : AIअशोक मौर्य सम्राज्य का तीसरा सम्राट था और उसने ईसा पूर्व 268 से ईसा पूर्व 232 तक शासन किया था।
Image Source : AIखास बात यह है कि अशोक युवराज नहीं था क्योंकि उसके पिता बिंदुसार ने सुसिमा को अपना उत्तराधिकारी चुना था।
Image Source : AIलेकिन अशोक कहीं ज्यादा महत्वाकांक्षी था, और बौद्ध लेखों के मुताबिक उसने गद्दी तक पहुंचने के लिए अपने 100 भाइयों की जान ली थी।
Image Source : AIकहा जाता है कि अशोक का सिर्फ एक भाई जिंदा बचा था जिसे इतिहास में तिसा, विटाशोक, सुदत्ता और सुगत्रा जैसे कई नामों से जाना जाता है।
Image Source : AIअशोक अपनी बर्बरता के लिए जाना जाता था,और किसी को तड़पा-तड़पाकर मारना उसके लिए बाएं हाथ का खेल था।
Image Source : AIकलिंग की लड़ाई में लाशों का अंबार देखकर अशोक विचलित हो गया और उसने कभी भी हथियार न उठाने की कसम खाई।
Image Source : AINext : पहलवानों ने दिया सरकार को अल्टीमेटम, गंगा में नहीं बहाए मेडल