

ऋग्वेद के मुताबिक, सरयू नदी की उत्पत्ति भगवान विष्णु की आंखो से हुई है
Image Source : Representative Picदरअसल शंखासुर नाम के दैत्य ने वेदों को चुराकर समुद्र में डाल दिया था और खुद भी वहां छिप गया था
Image Source : Representative Picइसके बाद भगवान विष्णु ने मत्स्य रूप धारण किया था और दैत्य का वध कर दिया था
Image Source : Representative Picफिर विष्णु ने ब्रह्मा को वेद सौंपे और अपना वास्तविक रूप धारण किया। इस दौरान विष्णु की आंखों से आंसू टपक गए
Image Source : Representative Picब्रह्माजी ने उस आंसू को मानसरोवर में डाल दिया और उसे सुरक्षित रख दिया
Image Source : Representative Picबाद में इस जल को वैवस्वत महाराज ने बाण से मानसरोवर से बाहर निकाला
Image Source : Representative Picयही जलधारा बाद में सरयू नदी कहलाई
Image Source : Representative PicNext : 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर क्या-क्या रहेगा बंद?