

दिल्ली-एनसीआर के ऐसे कई इलाके हैं जहां पर भूकंप के तेज झटके आने पर नुकसान का खतरा है।
Image Source : ptiदरअसल, भू-वैज्ञानिकों ने दिल्ली-एनसीआर को भूकंप के जोन-4 में रखा है।
Image Source : ANIभूकंप के जोन-4 का मतलब यह है कि यहां पर 7.9 तीव्रता का भूकंप आ सकता है।
Image Source : ptiरिक्टर पैमाने पर 5.4 की तीव्रता से अधिक के भूकंप खतरे वाले माने जाते हैं।
Image Source : ptiदिल्ली-एनसीआर हिमालय में टेक्टोनिक प्लेट्स के आपसी टकराव वाले क्षेत्र के काफी नजदीक है।
Image Source : ptiदिल्ली से हिमालय की दूरी करीब 250-350 किमी है। यहां से तीन फाल्ट लाइनें भी गुजरती हैं।
Image Source : ptiदिल्ली में भूकंप के तेज झटके आने पर लक्ष्मी नगर, शाहदरा और मयूर विहार में ज्यादा खतरा हो सकता है।
Image Source : ptiइसके अलावा सरिता विहार, पश्चिम विहार, वजीराबाद, करोल बाग, जनकपुरी और गुरुग्राम, सोहना में ज्यादा नुकसान हो सकता है।
Image Source : pti27 जुलाई 1960 को दिल्ली में 5.6 तीव्रता का भूकंप आया था। इससे कई इमारतों को नुकसान हुआ था।
Image Source : ptiNext : उत्तर प्रदेश के किस जिले में परफ्यूम बनता है?