

महाभारत में अभिमन्यु के जन्म को लेकर भी एक कथा है जो शायद आपने नहीं सुनी होगी।
Image Source : lexica artमहाभारत के युद्ध के समय सभी देवता अपने-अपने अंश और पुत्रों के साथ धरती पर जन्म ले रहे थे।
Image Source : lexica artजब चंद्रमा की बारी आई तो उसने अपने पुत्र सुवर्चा को धरती पर भेजने से मना कर दिया।
Image Source : lexica artजब देवताओं ने उसे बहुत समझाया तो चंद्रमा ने तीन शर्तें रखीं थीं।
Image Source : lexica artचंद्रमा की पहली शर्त ये थी कि मेरा पुत्र केवल 16-17 वर्ष तक ही धरती पर रहेगा, फिर लौट आएगा।
Image Source : lexica artचंद्रमा ने दूसरी शर्त ये रखी थी कि मेरे बेटे की शिक्षा-दीक्षा का भार सिर्फ नारायण ही लेंगे।
Image Source : lexica artचंद्रमा की तीसरी शर्त ये थी कि युद्ध में पूरा एक दिन उसके नाम रहना चाहिए, ताकि उसे प्रसिद्ध मिल सके।
Image Source : lexica artचंद्रमा की शर्तों के कारण सुवर्चा का जन्म अभिमन्यु के रूप में हुआ। वह कृष्ण के संरक्षण में द्वारिका में रहा और महाभारत युद्ध का पूरा एक दिन उसके नाम रहा।
Image Source : lexica artचंद्रमा की शर्तों के कारण ही अभिमन्यु किशोर अवस्था में ही वीरगति को प्राप्त हुआ।
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