

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल का पूर्ण बजट संसद में पेश किया। उन्होंने लगातार आठवीं बार आम बजट पेश किया। निर्मला सीतारमण लगातार आठ बजट बेश करने वाली भारत की पहली वित्त मंत्री हैं।
Image Source : PTIइस मामले में मोरारजी देसाई दूसरे नंबर पर हैं। मोरारजी देसाई ने वित्त मंत्री के रूप में 1959 से 1964 के बीच छह बजट और 1967 से 1969 के बीच चार बजट पेश किए थे। पी चिदंबरम ने 9 और प्रणब मुखर्जी ने 8 बार बजट पेश किए, लेकिन इन्होंने लगातार ऐसा नहीं किया।
Image Source : Xनिर्मला सीतारमण बजट भाषण पढ़ने वाली पहली महिला नहीं हैं। 1970 में इंदिरा गांधी ने बजट पेश किया था और ऐसा करने वाली पहली महिला भी बनीं थीं। उस समय वह देश की प्रधानमंत्री थीं और वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी भी उनके पास थी।
Image Source : Xआठ बजट पेश करने के बावजूद निर्मला सीतारमण दो नेताओं से पीछे हैं। उनसे ज्यादा नौ बजट पी चिदंबरम और 10 बजट मोरारजी देसाई ने पेश किए हैं। हालांकि, इन दोनों नेताओं ने अलग-अलग समय पर अलग-अलग प्रधानमंत्री के सामने बजट पेश किए थे।
Image Source : Xनिर्मला सीतारमण पहली वित्त मंत्री हैं, जिन्होंने लगातार आठ बजट पेश किए हैं और सभी बजट एक ही प्रधानमंत्री के सामने पेश किए गए हैं। उन्हें 2019 में मोदी के दूसरे कार्यकाल में पूर्णकालिक वित्त मंत्री बनाया गया और जब 2024 में तीसरी बार एनडीए की सरकार बनी तो ये मंत्रालय सीतारमण के ही पास रखा गया।
Image Source : PTIसबसे लंबे बजट भाषण का रिकॉर्ड भी निर्मला सीतारमण के नाम है। उन्होंने 2020-21 में 2 घंटे 42 मिनट का बजट भाषण दिया था। इससे पहले भी वह 2019-20 में 2 घंटे 17 मिनट का भाषण दे चुकी थीं। इस बार उनका भाषण 1 घंटा 20 मिनट का था।
Image Source : PTIसबसे छोटे बजट भाषण का रिकॉर्ड हीरूभाई मूलजीभाई पटेल के नाम हैं। उन्होंने 1977 में अंतरिम बजट पेश किया था। उनका बजट भाषण सिर्फ 800 शब्दों का था। वहीं, निर्मला सीतारमण का सबसे छोटा बजट भाषण 60 मिनट का था, जो उन्होंने 2024 में अंतरिम बजट के समय दिया था।
Image Source : Xस्वतंत्र भारत का पहला बजट षणमुगम चेट्टि ने 26 नवंबर 1947 को पेश किया था। इसमें सिर्फ अर्थव्यवस्था की समीक्षा की गई थी और कोई टैक्स नहीं लगाया गया था। वित्त मंत्री जॉन मथाई ने पहला संयुक्त-भारत बजट पेश किया था। इसमें रजवाड़ों के तहत आने वाले विभिन्न राज्यों का वित्तीय ब्योरा भी पेश किया गया था।
Image Source : Freepik2016 तक बजट फरवरी महीने के अंतिम दिन पेश किया जाता था। हालांकि, 2017 में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इसकी तारीख बदलकर एक फरवरी कर दी। पहले बजट के डॉक्यूमेंट एक ब्रीफकेश में लाए जाते थे, लेकिन निर्मला सीतारमण ने यह परंपरा बदली। वह फाइल में दस्तावेज लेकर पहुंची थीं।
Image Source : XNext : टॉप-10 सबसे ताकतवर एयरफोर्स की लिस्ट, भारत की रैंक क्या है?