

रॉयल एनफील्ड की बुलेट पर सेना के जवानों का स्टंट करने की वजह बड़ी ही रोचक है।
Image Source : PTIरॉयल एनफील्ड की बुलेट इंडियन आर्मी की आधिकारिक सवारी है।
Image Source : PTIसाल 1959 में सेना ने बॉर्डर पर गश्त लगाने के लिए रॉयल एनफील्ड की बुलेट ब्रिटेन से मंगाया था।
Image Source : PTIजब इसे विदेश से मंगाया गया था उस समय इसे एनफील्ड बुलेट कहा जाता था।
Image Source : PTIरॉयल एनफील्ड की बुलेट अन्य बाइक की तुलना में कहीं ज्यादा मजबूत और सुरक्षित है।
Image Source : PTIवर्तमान समय में रॉयल एनफील्ड बुलेट के कई मॉडल मार्केट में उपलब्ध हैं।
Image Source : PTIइस बुलेट का वजन अन्य बाइक्स की तुलना में कहीं ज्यादा है। स्टंट के दौरान बैलेंस ठीक रहता है।
Image Source : PTIपरेड में स्टंट के दौरान बुलेट पर कई जवान सवार होते हैं। उनका बैलेंस बिगड़ता नहीं है।
Image Source : PTIचौड़ी और मजबूत होने की वजह से बुलेट पर अटैचमेंट्स लगाना आसान है।
Image Source : PTIराइडर्स को सपोर्ट देने के लिए बुलेट पर कई अटैचमेंट्स लगाया जा सकता है।
Image Source : PTIबुलेट का दमदार इंजन सेना के जवानों का भार उठाने में सक्षम है।
Image Source : PTIइस बार गणतंत्र दिवस परेड में सेना की महिला टुकड़ी स्टंट करते नजर आएगी।
Image Source : PTIसेना के जवानों का स्टंट देखकर हर कोई दांतों तले अंगुली दबा लेता है।
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