

भारत में HMPV के चार मामले मिल चुके हैं। गुजरात के बाद कर्नाटक के दो बच्चों में इस वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है। वहीं, पश्चिम बंगाल में पिछले साल नवंबर के महीने में एक बच्चे के अंदर HMPV संक्रमण की पुष्टि हुई थी।
Image Source : PTIइस वायरस को लेकर कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव का कहना है कि इससे घबराने की जरूरत नहीं है। एचएमपीवी कोई नया वायरस नहीं है। यह वायरस देश में पहले से ही मौजूद है। पहले भी इस तरह के संक्रमण के मामले सामने आते रहे हैं।
Image Source : PTIदिनेश गुंडू राव ने कहा कि कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि यह भारत में एचएमपीवी का पहला मामला है, जो सच नहीं है। एचएमपीवी वायरस देश में पहले से ही मौजूद है और कुछ प्रतिशत लोग इस वायरस से संक्रमित होते हैं, यह कोई नई बात नहीं है।
Image Source : PTIगुजरात के अहमदाबाद में दो महीने के बच्चे के अंदर HMPV संक्रमण पाया गया है। चांदखेड़ा की निजी अस्पताल में भर्ती बच्चा मूल रूप से राजस्थान के डूंगरपुर का रहने वाला है। संक्रमित बच्चा पिछले कुछ समय से मोडासा के अस्पताल में भर्ती था। वह फिलहाल चांदखेड़ा के ऑरेंज हॉस्पिटल में भर्ती हैं।
Image Source : PTIडॉक्टरों का कहना है कि बच्चे के अंदर मेटानिमो वायरस पाया गया, लेकिन वह अब स्वस्थ है और उसे छुट्टी दे दी जाएगी। डॉक्टर की मानें तो इस वायरस को लेकर बुजुर्गों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया था कि यह वायरस बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरनाक है।
Image Source : PTIकर्नाटक के बेंगलुरु में एचएमपीवी के दो मामले सामने आए हैं। आईसीएमआर ने बताया कि तीन महीने की बच्ची और आठ महीने के बच्चे को एचएमपीवी वायरस से संक्रमित पाया गया है। हालांकि, कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि आठ महीने का बच्चा अब तक देश से बाहर नहीं गया है।
Image Source : PTIकर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार यह वायरस पहले से देश में मौजूद है। इसके मामले सामने आते रहते हैं और इससे संक्रमित व्यक्ति कुछ दिनों में बिना किसी इलाज के ठीक हो जाता है। इसमें सर्दी और बुखार जैसे सामान्य लक्षण होते हैं।
Image Source : PTIनवंबर के महीने में पश्चिम बंगाल में भी इस वायरस का एक मामला सामने आया था। 12 नवंबर को मुंबई निवासी एक बच्चे को बाईपास के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह हवाई मार्ग से मुंबई से कोलकाता आया था।
Image Source : PTIडॉक्टर के अनुसार बच्चे को फीवर था और सांस लेने में कठिनाई हो रही थी। इसके बाद हालत बिगड़ने पर बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया और जांच में उसके अंदर HMVP संक्रमण की पुष्टि हुई। 10-12 दिन के इलाज के बाद बच्चा ठीक हो गया और वापस मुंबई चला गया।
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