

भारत के ऐसे कई राज्य हैं जहां दूसरे राज्य के लोग जमीन नहीं खरीद सकते हैं। आइए जानते हैं कि ऐसे कौन-कौन से राज्य हैं?
Image Source : pexels.comहिमाचल प्रदेश में बाहरी व्यक्तियों को संपत्ति खरीदने की इजाजत नहीं है। साल 1972 के भूमि कानून की धारा 118 प्रभाव में आई थी और इसके अनुसार कोई भी गैर-कृषक अथवा बाहरी निवासी हिमाचल प्रदेश में खेती वाली जमीन नहीं खरीद सकता है।
Image Source : pexels.comनागालैंड में भी बाहरी लोग जमीन नहीं खरीद सकते हैं। साल 1963 में राज्य बनने के साथ ही विशेष अधिकार के रूप में आर्टिकल 371 ए का प्रावधान मिला, जिसके मुताबिक यहां पर जमीन को खरीदने की अनुमति नहीं।
Image Source : pexels.comसिक्किम में यहां के निवासी ही जमीन खरीद सकते हैं। भारत के संविधान का अनुच्छेद 371 ए फ, जो सिक्किम को विशेष प्रावधान प्रदान करता है, जिसके अनुसार बाहरी लोगों को भूमि या संपत्ति की बिक्री और खरीद पर प्रतिबंध है।
Image Source : pexels.comअरुणाचल प्रदेश में भी प्रॉपर्टी खरीदने की अनुमति नहीं है। यहां पर कृषि भूमि को सरकारी अप्रूवल के बाद ही जमीन को ट्रांसफर किया जाता है।
Image Source : pexels.comमिजोरम, मेघालय और मणिपुर में भी प्रॉपर्टी खरीदने से संबंधित कई कानून और नियम हैं। नॉर्थ ईस्ट के निवासी भी एक-दूसरे के राज्य में जमीन नहीं खरीद सकते हैं।
Image Source : pexels.comवहीं, उत्तराखंड में बाहरी लोगों के लिए ढाई सौ वर्ग मीटर जमीन खरीदने की सीमा तय की गई है। राज्य के स्थाई निवासी के लिए जमीन खरीदने की कोई लिमिट नहीं है।
Image Source : pexels.comजम्मू-कश्मीर को लेकर भी पहले ऐसा ही प्रावधान था। हालांकि, 5 अगस्त, 2019 को संविधान के अनुच्छेद 370 के साथ-साथ अनुच्छेद 35ए को हटाने के बाद यहां परिस्थितियां बदलीं।
Image Source : pexels.comअब भारतीय नागरिक जम्मू-कश्मीर के नगरपालिका क्षेत्र में कृषि भूमि के अलावा अन्य जमीन भी खरीद सकते हैं।
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