

महाकुंभ: प्रयागराज पहुंचने के बाद सबसे पहले महाकुंभ में स्नान करें और संगम तट पर बने साधु-संतों के टेंटों में जाएं और उनका आशीर्वाद लें।
Image Source : ptiलेटे हुए हनुमान जी: यह मंदिर गंगा घाट और संगम मार्ग पर है। संगम से इसकी दूरी 900 मीटर है। यह 700 साल पुराना मंदिर है।
Image Source : Socialवेणी माधव मंदिर: संगम से यह मंदिर 2.1 किमी दूर है। निराला मार्ग और दारागंज में यह मंदिर स्थित है।
Image Source : Socialनागवासुकी: संगम तट से यह 3.4 किमी दूर है। मान्यता है कि प्रयागराज आने वाले की यात्रा नागवासुकी के दर्शन के बगैर अधूरी रह जाती है।
Image Source : Socialअकबर का किला: यह संगम तट पर बसा हुआ है। संगम से इसकी दूरी 3 किमी है। साल 1575 में इसे अकबर ने बनवाया था।
Image Source : Wikipediaआलोपी माता मंदिर: संगम तट से यह 2.6 किमी दूर है। यह मंदिर भारत के प्रतिष्ठित शक्तिपीठों में से एक है।
Image Source : Socialआजाद पार्क: संगम से इस स्थान की दूरी 5 किमी है। इसे पहले अल्फ्रेड पार्क के नाम से जाना जाता था।
Image Source : Socialमनकामेश्वर मंदिर: यह मंदिर फोर्ट रोड, कायडगंज में स्थित है जो संगम से 2.8 किमी दूर है।
Image Source : Socialअक्षयवट वृक्ष: संगम तट से इसकी दूरी 1 किमी है। यह एक प्राचीन बरगद का पेड़ है। मान्यताओं के मुताबिक, यहां राम, लक्ष्मण और माता सीता ने आराम किया था।
Image Source : SocialNext : आजादी के बाद हुए हर जंग में कितने भारतीय सैनिक शहीद हुए?