

मशहूर उद्योगपति व लाखों दिलों की जान टाटा ग्रुप के मानद चेयरमैन रतन टाटा कल यानी 9 अक्तूबर को दुनिया को अलविदा कह गए।
Image Source : Instagramरतन टाटा हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके कमाल के किस्से और महान काम हमेशा हमारे बीच रहेंगे।
Image Source : Instagramरतन टाटा का एक कमाल का किस्सा है जो सभी को जरूर जानना और सुनना चाहिए।
Image Source : Instagramदरअसल ब्रिटेन के प्रिंस चार्ल्स रतन टाटा को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड देना चाहते थे।
Image Source : Instagramइसके लिए बंकिंघम पैलेस में उन्हें न्यौता दिया गया और इसकी पूरी तैयारियां कर ली गई थी। रतन टाटा ने भी इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया और हामी भर दी।
Image Source : Instagramलेकिन कुछ ऐसा हुआ जो रतन टाटा अवॉर्ड लेने लंदन नहीं गए। एक्टर, बिजनेसमैन, कॉलमिस्ट सुहेल सेठ ने यह किस्सा बताया था।
Image Source : Instagramउन्होंने कहा कि 6 फरवरी को इवेंट था, वह 2 या 3 फरवरी को लंदन पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अपने फोन में देखा कि रतन टाटा के 11 मिस्ड काल थे।
Image Source : Instagramघबराते हुए जब सुहेल सेठ ने रतन टाटा को फोन किया तो उन्होंने कहा कि उनके डॉग टैंगो और टीटो में से कोई एक बीमार है। उन्हें इस हालत में छोड़कर वह लंदन नहीं जा सकते।
Image Source : Instagramसुहेल सेठ ने रतन टाटा से कहा कि यह लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड इवेंट आपके लिए रखा गया है, बावजूद इसके रतन टाटा उस कार्यक्रम में नहीं गए।
Image Source : Instagramजब इस बात का पता प्रिंस चार्ल्स को लगा, तो वह रतन टाटा से काफी प्रभावित हुए।
Image Source : Instagramप्रिंस चार्ल्स ने रतन टाटा की तारीफ करते हुए कहा कि इंसान ऐसा होना चाहिए। रतन टाटा कमाल के इंसान है। इसी वजह से टाटा समूह इस मुकाम पर है।
Image Source : ptiNext : रतन टाटा को क्या-क्या अवॉर्ड मिले थे?