

उमा भारती. ये मंदिर आंदोलन से 1984 के बाद जुड़ीं. बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद इनपर भी FIR दर्ज हुई थी
Image Source : FILEविनय कटियार. मंदिर आंदोलन के दौरान इनकी गिनती सबसे तेजतर्रार नेताओं में होती थी. इन पर भी ढांचा गिरने के बाद मुकदमा हुआ था
Image Source : FILEसाध्वी ऋतंभरा. सीबीआई चार्जशीट के मुताबिक 6 दिसंबर 1992 को कारसेवकों के गुबंद पर चढ़ने से पहले उन्होंने ही उकसावे वाला भाषण दिया था
Image Source : FILEसच्चिदानंद साक्षी उर्फ साक्षी महाराज भी मंदिर आंदोलन के मुखर चेहरा रहे हैं. बाबरी विध्वंस के बाद इन पर भी एफआईआर हुई थी
Image Source : FILEजयभान सिंह पवैया की गिनती राम मंदिर आंदोलन के दौरान फायरब्रांड नेता के रूप में होती थी. उन पर बाबरी विध्वंस के बाद अयोध्या में एफआईआर भी दर्ज हुआ था
Image Source : FILEचंपत राय में मंदिर आंदोलन को अंजाम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उन्होंने हजारों लोगों को इस आंदोलन से जोड़ा था
Image Source : FILENext : 'कारसेवा' का मतलब क्या होता है?