

मुगल बादशाहों के हरम में बड़ी संख्या में महिलाएं थीं, जो विभिन्न जातियों, प्रांतों और समुदायों से आती थीं
Image Source : AIमुस्लिम महिलाओं के अलावा, मुगल बादशाहों के हरम में राजपूत महिलाओं समेत हिंदू महिलाएं और ईसाई महिलाएं भी थीं
Image Source : AIमुगल बादशाह बाबर और हुमायूं के हरम आकार में छोटे थे। लेकिन अकबर के समय से मुगल हरम बड़े होते चले गए
Image Source : AIमुगल बादशाह अकबर के हरम में लगभग 5000 महिलाएं थीं, जहांगीर, शाहजहां और औरंगजेब के हरम भी बहुत बड़े थे
Image Source : AIमुगल हरम की महिलाओं की जरूरतों को शाही विभागों द्वारा काफी हद तक पूरा किया जाता था
Image Source : AIइन महिलाओं का भोजन शाही रसोई से आता था जिसे 'मतबख' कहा जाता था
Image Source : AIशाही रसोई के खर्चों को पूरा करने के लिए मुगल बादशाह रोजाना एक हजार रुपये खर्च करते थे
Image Source : AIशाही रसोई में अलग-अलग देशों के रसोइये रखे जाते थे और वे हर रोज कई तरह के स्वादिष्ट व्यंजन तैयार करते थे
Image Source : AIमुगल बादशाह अकबर इन महिलाओं को खाना, पीने का पानी और शराब उपलब्ध कराता था
Image Source : AIशाही कारखानों द्वारा इन शाही महिलाओं को सुंदर कपड़े, आभूषण, घरेलू सामान और फैंसी सामान उपलब्ध कराया जाता था
Image Source : AIपान चबाना शाही महिलाओं की एक आदत थी। इससे उनके होंठ और दांत लाल हो जाते थे और उन दिनों इसे सुंदरता की चीज माना जाता था
Image Source : AIइन बातों का जिक्र डॉक्टर सोमा मुखर्जी की किताब 'रॉयल मुगल लेडीज एंड देयर कॉन्ट्रीब्यूसन' में किया गया है
Image Source : AINext : औरंगजेब ने अपने भाई दारा शिकोह की क्यों कराई हत्या?