

आजकल भारत में टमाटर को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। इसकी बढ़ी हुई कीमतों ने आम आदमी की नाक में दम कर दिया है।
Image Source : Pexelsआज टमाटर हमारी तमाम सब्जियों और सलाद का जायका बढ़ाने के काम आता है। लेकिन क्या आपको पता है हमारे पूर्वजों को इसका स्वाद नसीब ही नहीं था।
Image Source : Pexelsदरअसल, भारत में टमाटर को आए 500 साल भी नहीं हुए हैं। ऐसे में 500 साल पहले के राजा-महाराजाओं ने भी कभी टमाटर का स्वाद न चखा था।
Image Source : Pexelsआप भारत तो भूल ही जाइए, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका या यूरोप के लोगों ने भी लगभग 500 साल पहले तक टमाटर की शक्ल भी नहीं देखी थी।
Image Source : Pexelsदरअसल, उस समय टमाटर सिर्फ अमेरिका महाद्वीप में हुआ करता था। इसी महाद्वीप के लोगों से सबसे पहले टमाटर का स्वाद चखा था।
Image Source : Pexelsऐसे में जब यूरोपीय यात्री कोलंबस ने 1492 में अमेरिका की खोज की, उसके बाद ही धीरे-धीरे दुनिया को टमाटर के बारे में पता चला।
Image Source : Fileपहली बार स्पेन के लोगों को एज्टेक लोगों से 16वीं सदी में टमाटर मिला था, और फिर धीरे-धीरे यह पूरी दुनिया में फैलता गया।
Image Source : Fileभारत में टमाटर को लाने का श्रेय पुर्तगाली व्यापारियों को जाता है। यही वजह है कि इसे आज भी बंगाल के कुछ हिस्सों में 'विलायती बैंगन' कहा जाता है।
Image Source : Pexelsभारत की धरती टमाटर को खूब रास आई और 18वीं सदी तक यहां इसकी बड़े पैमाने पर खेती होने लगी।
Image Source : Pexelsआज तो हालत यह है कि भारत टमाटर के उत्पादन के मामले में चीन के बाद दुनिया में दूसरे नंबर पर आता है।
Image Source : Pexelsभले ही हमारे पुरखों ने कभी टमाटर का स्वाद न चखा हो, लेकिन आज यह हमारी रसोई और थाली का अभिन्न हिस्सा बन चुका है।
Image Source : PexelsNext : इन चीजों के उत्पादन में पूरी दुनिया में नंबर 1 है भारत, बाकी देश आस-पास भी नहीं