

तेलंगाना विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रेवंत रेड्डी चुनावी चेहरा रहे हैं। चुनावी रैलियों में उनका क्रेज देखने को मिला।
Image Source : Instagramरेवंत रेड्डी जब चुनावी रैलियों के बीच कार्यकर्ताओं से मिलने पहुंचे थे तो ‘सीएम-सीएम’ के नारे लगने लगे थे। इसके बाद ही वो चर्चा में आ गए।
Image Source : Instagramपूरे चुनाव प्रचार के दौरान रेवंत रेड्डी राहुल गांधी और प्रियंका के साथ नजर आए। 54 साल के रेवंत रेड्डी ने कॉलेज में छात्र राजनीति से शुरुआत की थी।
Image Source : Instagramमहबूबनगर में जन्में रेवंत ने उस्मानिया विश्वविद्यालय से ग्रैजुएशन किया। कॉलेज में वो एबीवीपी से जुड़े।
Image Source : Instagramछात्र राजनीति के बाद उन्होंने पॉलिटिक्स को करियर चुना और चंद्रबाबू नायडू की तेलुगू देशम पार्टी में शामिल हुए।
Image Source : Instagramतेलुगू देशम पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर उन्होंने साल 2009 में पहली बार चुनाव जीता और कोडांगल सीट से विधानसभा पहुंचे।
Image Source : Instagramफिर साल 2014 तेलंगाना विधानसभा में वो टीडीपी के सदन के नेता बने। उनका सफर टीडीपी के साथ साल 2017 में खत्म हो गया।
Image Source : Instagramसाल 2017 में रेवंत ने कांग्रेस ज्वाइन की। कांग्रेस में जाना उनके लिए फायदेमंद नहीं रहा और वो इसी के चलते 2018 विधानसभा चुनाव हार गए।
Image Source : Instagramये हार उनके लिए सेटबैक नहीं बल्कि एक खास गिफ्ट लेकर आई। 2019 लोकसभा चुनाव में उन्हें मलकाजगिरि कांग्रेस ने टिकट दिया और वो 10,919 वोटों से जीत गए।
Image Source : Instagramइसी जीत के बाद कांग्रेस का भरोसा रेवंत रेड्डी पर बढ़ गया और साल 2021 में कांग्रेस ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए अध्यक्ष बना दिया।
Image Source : Instagramसाल 2013 में तेलंगाना के गठन के बाद केसीआर के अलावा कोई दूसरा मुख्यमंत्री नहीं बना। अब कांग्रेस की जीत के साथ रेवंत के सीएम बनने के आसार प्रबल हैं।
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