

यूपी-बिहार में एक नदी ऐसी है, जिसके पानी को छूने से भी लोग थर-थर कांपते हैं
Image Source : Freepik/Representative Picइसके पीछे का कारण हिंदू धर्म की पुरानी मान्यताएं और कथाएं हैं, जिसमें इसे अशुभ माना जाता है
Image Source : Freepik/Representative Picदरअसल ऐसा माना जाता है कि इस नदी के स्पर्श से पुण्य कर्म नष्ट हो जाते हैं
Image Source : Freepik/Representative Picकहानी है कि इक्ष्वाकु वंश के राजा त्रिशंकु स्वर्ग में जीवित शरीर से जाना चाहते थे
Image Source : Freepik/Representative Picऋषि वशिष्ठ ने ऐसा करने से मना किया तो राजा ने विश्वामित्र के जरिए सशरीर स्वर्ग जाने की कोशिश की
Image Source : Freepik/Representative Picलेकिन देवताओं ने त्रिशंकु को सशरीर स्वर्ग में स्वीकार नहीं किया और इंद्र ने उन्हें उल्टा लटकाकर धरती पर फेंक दिया
Image Source : Freepik/Representative Picविश्वामित्र के प्रताप से वह धरती पर तो नहीं गिरे लेकिन स्वर्ग और पृथ्वी के बीच लटक गए
Image Source : Freepik/Representative Picइस दौरान उनके मुंह से जो लार निकली, उससे कर्मनाशा नदी का निर्माण हुआ
Image Source : Freepik/Representative Picइसलिए कर्मनाशा नदी को शापित माना जाता है और इसके पानी को छूने से व्यक्ति के सारे अच्छे कर्म नष्ट हो जाते हैं
Image Source : Freepik/Representative PicNext : दिल्ली-NCR की हवा तो हुई जहरीली, लेकिन इन 3 शहरों में AQI 50 से भी कम