

कंश का वध करने के बाद मथुरा की जनता के कहने पर भगवान कृष्ण ने मथुरा में राजपाट संभाल लिया। वे मथुरा और वृंदावन से बेहद प्यार करते थे।
Image Source : Facebookकंश की मृत्यु के बाद उसका ससुर जरासंध कृष्ण का शत्रु बन गया और मथुरा को जीतना चाहता था।
Image Source : Facebookभारतीय धार्मिक ग्रंथों की मानें तो जरासंध ने 18 बार मथुरा पर हमला किया, जिसमें से 17 बार उसके हाथ असफलता लगी।
Image Source : Facebook18वें बार हमला करने के लिए जरासंध ने विदेशी शक्तिशाली शासक कालयवन से हाथ मिला लिया, हालांकि इस युद्ध में कालयवन मारा गया।
Image Source : Facebookकालयवन के मरने के बाद उसके देश के लोग कृष्ण के दुश्मन बन गए जो कृष्ण को हराकर मथुरा को जीतना चाहते थे।
Image Source : Facebookलगातार हमलों से मथुरा की जनता त्रस्त हो गई थी और नगर की सुरक्षा दीवार भी कमजोर हो गई थी। इस कारण मथुरावासियों के साथ कृष्ण ने मथुरा को छोड़ दिया।
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