

भारत सरकार द्वारा 24 जनवरी 1950 को जन गण मन को राष्ट्रगान के रूप में अपनाया गया
Image Source : Fileभारत के राष्ट्रगान का नाम जन गण मन है, जो मूलतः बांग्ला भाषा में रवीन्द्रनाथ टैगोर ने लिखा था।
Image Source : Fileविश्व में रवीन्द्रनाथ टैगोर ही ऐसे एकमात्र व्यक्ति हैं, जिनकी रचना को एक से अधिक देशों में राष्ट्रगान का दर्जा प्राप्त है।
Image Source : Fileध्यान दें कि जब राष्ट्रगान गाया या बजाया जाता है तो श्रोताओं को सावधान की मुद्रा में खड़े रहना चाहिए।
Image Source : Fileवहीं, राष्ट्रगान को गाते या बजाते समय किसी अनुचित गतिविधि में संलग्न नहीं होना चाहिए।
Image Source : Fileशायद आपको नहीं पता हो तो बता दें कि राष्ट्रगान गाते समय कुल 52 सेकंड लगते हैं।
Image Source : Fileअगर आप राष्ट्रगान का अपमान करते हैं तो राष्ट्रीय असम्मान निरोधक कानून 1971 की धारा-3 तहत कानूनन कार्रवाई हो सकती है।
Image Source : Fileराष्ट्रीय असम्मान निरोधक कानून 1971 की धारा-3 के मुताबिक कोई शख्स जो राष्ट्रगान को जानबूझकर गाने से रोकता है या किसी समूह को जो राष्ट्रगान गा रहा हो, उसमें जानबूझकर व्यवधान करता है, ऐसे शख्स को तीन साल तक की कैद या जुर्माना या फिर दोनों हो सकता है।
Image Source : fileNext : इन Australian युनिवर्सिटीज से पढ़ लिए, तो लाइफ सेट