

NEET UG का रजिस्ट्रेशन खत्म होने को है, अभी तक 25 लाख से ज्यादा छात्र अपना रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं, लेकिन देश में सिर्फ 1.09 लाख ही एमबीबीएस की सीटें है, ऐसे में लाखों छात्रों को निराशा हाथ लगेगी।
Image Source : Fileनीट में अच्छी रैंक लाने वालों को तो सरकारी कॉलेज मिल जाएगा, पर कम नंबर वालों को मजबूरी में प्राइवेट या विदेश की यूनिवर्सिटी की ओर रूख करना पड़ेगा।
Image Source : Fileऐसे में आइए जानते हैं कि कम नंबर आने पर भारत से बाहर कहां मिल सकता है MBBS में एडमिशन...
Image Source : Fileमेडिकल छात्र अक्सर सस्ते कॉलेज फीस को लेकर यूक्रेन रुख करते हैं, यूक्रेन में कई मेडिकल कॉलेज है और यहां की फीस भी काफी कम है, लेकिन युद्ध के चलते वहां जाना अभी ठीक नहीं।
Image Source : Fileयूक्रेन के बाद भारतीय छात्र रूस की ओर रुख करते हैं, यहां नीट में 50 पर्सेंटाइल नंबर लाना जरूरी है। रूस में 70 से भी ज्यादा मेडिकल यूनिवर्सिटी हैं, जो भारत के प्राइवेट मेडिकल कॉलेज के मुकाबले सस्ते हैं।
Image Source : Fileकजाकिस्तान में भी एमबीबीएस डिग्री कोर्स में एडमिशन के लिए नीट पास करना जरूरी है। यहां के भी मेडिकल कॉलेज सस्ते हैं।
Image Source : Fileपोलैंड में भी नीट के जरिए एमबीबीएस कोर्स में एडमिशन होता है। यहां भी कई कॉलेज पॉपुलर हैं, जिनकी फीस सस्ती है।
Image Source : Fileहमारे पड़ोसी देश नेपाल में नीट के जरिए एडमिशन हो जाता है, यहां के भी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज भरतपुर, जानकी मेडिकल कॉलेज, नेशनल मेडिकल कॉलेज बिरगुंज, नेपालगंज मेडिकल कॉलेज काफी फेमस हैं।
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