

आज 26 जनवरी के दिन कर्तव्य पथ पर देश की तीनों सेनाएं अपनी-अपनी परेड निकालेंगी।
Image Source : PTIबता दें कि 26 जनवरी 1950 को देश ने अपना संविधान अपनाया था, इस कारण इस दिन को पूरा देश गणतंत्र दिवस के रूप में मनाता है।
Image Source : PTIसुबह राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू कर्तव्य पथ पर ध्वाजारोहण करेंगी। इसके बाद तीनों सेनाएं कर्तव्य पथ से परेड निकालेंगी। जानकारी दे दें कि इस बार फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मुख्य अतिथि बनकर आए हैं।
Image Source : PTIपर क्या आप जानते हैं कि गणतंत्र दिवस पर परेड क्यों निकाली जाती है?
Image Source : PTIआइए जानते हैं इस बारे में...
Image Source : PTIइतिहास की बात करें तो परेड के तार मेसोपोटामिया की प्राचीन सभ्यता से है, ऐसा परेड मेसोपोटामिया के राजा निकाला करते हैं, वे मशहूर इशतार के दरवाजे से शहर के अंदर आते थे।
Image Source : PTIकुछ ऐसा ही रोमन साम्राज्य में होता था। यहां सैन्य जनरल जंग जीतने के बाद वापस आते थे तब इनके साथ एक सैनिकों का काफिला होता था।
Image Source : PTIयहीं से मार्डन युग ने मिलिट्री परेड अपनाई, भारत में तो परेड ब्रिटिश लेकर आए। जानकारी दे दें कि अंग्रेज अपनी शक्ति का प्रदर्शन करने के लिए ऐसी परेड निकालते थे। यहीं से हम भी प्रेरित हैं।
Image Source : PTIयानी कि गणतंत्र दिवस पर परेड शक्ति प्रदर्शन के लिए निकाली जाती है, हम दुनिया के सामने अपने शक्तिशाली हथियारों का प्रदर्शन करते हैं ताकि उन्हें ये पता चल सके की हमारी सेना कितनी ताकतवर है।
Image Source : PTINext : ये हैं वो पांच फायदे, जो देश के गणतंत्र बनने से पहले नहीं थे हमारे पास