

सरकार ने वाहनों को CNG की बिक्री करने वाली शहरी गैस वितरण कंपनियों को सस्ती गैस की आपूर्ति में पांचवें हिस्से तक की कटौती कर दी है।
Image Source : FILEइससे महंगे आयातित ईंधन पर उनकी निर्भरता बढ़ जाएगी। सस्ती गैस में आई कमी की भरपाई के लिए कंपनियों को महंगी आयातित गैस खरीदनी होगी। इससे सीएनजी की कीमतें बढ़ सकती हैं।
Image Source : FILEपीटीआई के मुताबिक, गुरुवार को इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) और महानगर गैस लिमिटेड ने शेयर बाजारों को सूचित किया है कि घरेलू स्तर पर उत्पादित गैस की आपूर्ति, जो आयातित कीमत की आधी कीमत पर उपलब्ध थी, में कटौती कर दी गई है।
Image Source : FILEरेटिंग एजेंसी इक्रा के कैलकुलेशन के मुताबिक, मौजूदा स्तरों पर अंशदान मार्जिन को बनाए रखने के लिए सीएनजी की कीमतों में पांच रुपये से लेकर 5.50 रुपये प्रति किलोग्राम तक की वृद्धि करनी होगी।
Image Source : FILEइक्रा का कहना है कि ऐसा होने पर सीएनजी गाड़ी रजिस्ट्रेशन में वृद्धि धीमी हो सकती है, जो इस क्षेत्र के लिए सीएनजी बिक्री की मात्रा का मुख्य चालक रहा है।
Image Source : FILEसीएनजी कीमतों में बढ़ोतरी को महाराष्ट्र एवं झारखंड में होने जा रहे विधानसभा चुनावों तक टाला जा सकता है।
Image Source : FILENext : PNB में 300 दिन की FD में ₹10,00,000 जमा करें तो मैच्यॉरिटी पर कितने रुपये मिलेंगे