

FD से मिला ब्याज आपकी आयकर स्लैब के अनुसार टैक्सेबल होता है। वहीं PPF पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है (ब्याज, और मेच्योरिटी सब पर कोई टैक्स नहीं)।
Image Source : FileFD में लिक्विडिटी अधिक होती है। आप समय से पहले भी पैसा निकाल सकते हैं। PPF में निकासी लिमिटेड होता है। आंशिक निकासी केवल 7वें साल के बाद और लोन केवल 3 से 6 साल के बीच लिया जा सकता है।
Image Source : FileFD की ब्याज दरें आमतौर पर 6% से 8% के बीच होती हैं। और यह बैंक व अवधि पर निर्भर करती हैं। पीपीएफ पर अभी 7.1% की दर से ब्याज मिल रहा है।
Image Source : FilePPF में सालाना ₹500 से ₹1.5 लाख तक का निवेश किया जा सकता है, और यह धारा 80C के तहत टैक्स बचत का विकल्प भी देता है।
Image Source : FileFD उन लोगों के लिए बेहतर विकल्प है जो कम टैक्स स्लैब में आते हैं या जिनकी जरूरतें छोटी से मीडियम टर्म हैं।
Image Source : FilePPF उन निवेशकों के लिए उपयुक्त है जो लंबी, टैक्स-फ्री रिटर्न चाहते हैं, जैसे रिटायरमेंट या बच्चों की शिक्षा के लिए बचत।
Image Source : Fileजो लोग उच्च टैक्स ब्रैकेट में हैं, उनके लिए PPF का टैक्स लाभ FD से बेहतर रिटर्न प्रदान कर सकता है।
Image Source : Fileदोनों सुरक्षित हैं, लेकिन PPF सरकार द्वारा गारंटीड है, जबकि FD पर ₹5 लाख तक की गारंटी DICGC द्वारा दी जाती है।
Image Source : FileNext : सेविंग अकाउंट में कितना पैसा जमा कर सकते हैं, क्या कोई लिमिट भी है?