

भारतीय रेल जिस ट्रैक पर चलती है उसमें दो पटरियां लगाई गई होती है।
Image Source : Fileबांग्लादेश में रेल ट्रैक पर तीन पटरियां दिखाई देती हैं।
Image Source : Fileरेलवे ट्रैक को बनाने के लिए गेज का इस्तेमाल किया जाता है।
Image Source : Fileयह गेज ही तय करता है कि पटरियां कहां कम और अधिक चौड़ी होती है।
Image Source : Fileकम-अधिक चौड़ाई के हिसाब से ही पटरियों का नाम छोटी लाइन-बड़ी लाइन रखा जाता है।
Image Source : Fileबांग्लादेश में डबल रेलवे गेज का इस्तेमाल होता है, जिसमें 3 पटरियां होती हैं।
Image Source : Fileडबल रेलवे गेज दो अलग-अलग ट्रेन को एक ही पटरी पर चलाने का काम करता है।
Image Source : Fileइस तरह के ट्रैक को ब्रॉड गेज और मीटर गेज को मिलाकर तैयार किया जाता है।
Image Source : FileNext : देश की ये 4 कंपनियां देती हैं सबसे ज्यादा नौकरी, दुनिया में यह कंपनी नंबर वन