

अगर कंपनी ने दो महीने से कम समय तक में कर्मचारी के अकाउंट में अपने हिस्से का पैसे डिपोजिट नहीं किया है तो उस पर डैमेज का 5 प्रतिशत सालाना चार्ज देने होता है।
Image Source : Reutersपैसे जमा करने में अगर 2 से 4 महीने की देरी की गई है तो कंपनी को 10 प्रतिशत सालाना की दर से कर्मचारी को ब्याज चुकाना होता है।
Image Source : pixabayअगर पैसे जमा करने में कंपनी 4 से 6 महीने की देरी कर चुकी है तो आपको कंपनी 15 प्रतिशत ब्याज चुकाएगा।
Image Source : Reutersछह महीने से भी ज्यादा समय तक अगर आपकी कंपनी आपके पीएफ अकाउंट में अपने हिस्से का पैसा जमा नहीं करती है तो उसे आपको 25 प्रतिशत सालाना की दर से ब्याज देना होता है।
Image Source : PIXABAYकंपनी को डैमेज के तौर पर एरियर के अमाउंट में 100 प्रतिशत तक का भुगतान करना पड़ सकता है।
Image Source : PIXABAYNext : म्यूचुअल फंड निवेशक हैं? रिस्क-ओ-मीटर जानते हैं, नहीं तो अब देर नहीं करें