

अमावस्या तिथि को हिंदू धर्म में बेहद खास माना जाता है। इस दिन धार्मिक कार्य और पितरों के निमित्त तर्पण करना अति शुभ होता है।
Image Source : Socialहर माह में अमावस्या तिथि आती है और माह के नाम से ही अमावस्या तिथि को जाना जाता है। वर्तमान में आषाढ़ माह चल रहा है।
Image Source : Socialआषाढ़ माह की अमावस्या को आषाढ़ अमावस्या कहा जाता है जिसे लेकर असमंजस बना हुआ है। इसका कारण यह है कि दोनों ही दिन 24 और 25 जून को अमावस्या तिथि पड़ रही है।
Image Source : Socialऐसे में पितृ तर्पण और धार्मिक कार्यों के लिए किस दिन अमावस्या तिथि को माना जाना सही रहेगा, आइए जानते हैं।
Image Source : Socialहिंदू पंचांग के अनुसार अमावस्या तिथि की शुरुआत 24 जून की शाम 7 बजकर 2 मिनट से हो जाएगी।
Image Source : Socialवहीं अमावस्या तिथि का समापन 25 जून को शाम 4 बजकर 4 मिनट पर होगा।
Image Source : Socialहिंदू धर्म में उदयातिथि की मान्यता है इसलिए 25 जून को ही अमावस्या तिथि मानी जाएगी।
Image Source : Socialइस दिन धार्मिक क्रियाकलाप जैसे दान-पुण्य करना और पितृ तर्पण करना शुभ माना जाएगा।
Image Source : Socialअमावस्या तिथि के दिन धार्मिक कार्यों के साथ ही आध्यात्मिक गतिविधियां, योग-ध्यान करने से भी आपको शुभ फल प्राप्त होते हैं।
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