

झारखंड के देवघर में स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यहां सावन के महीने में भव्य मेले का आयोजन किया जाता है।
Image Source : FILE IMAGEहर साल सावन में कांवड़िए कांवड़ लेकर देवघर आते हैं और भक्ति भाव से शिवलिंग पर जल अर्पित करते हैं।
Image Source : FILE IMAGEबाबा बैधनाथ धाम मंदिर में शिव और शक्ति का लाल धागे से गठजोड़ या गठबंधन करने की भी परंपरा है।
Image Source : FILE IMAGEखासतौर से नवविवाहित जोड़ा यह 'गठबंधन' अनुष्ठान जरूर करते हैं। कहते हैं कि ऐसा करने से उनका दांपत्य जीवन सुखी और खुशहाल रहता है।
Image Source : FILE IMAGEबता दें कि बाबा बैद्यनाथ धाम ही ऐसा मंदिर है जहां शिव और शक्ति एक साथ विराजमान हैं।
Image Source : FILE IMAGEधार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवघर में माता सती का हृदय कट कर गिरा था, इसलिए इस स्थान को हृदयापीठ भी कहा जाता है।
Image Source : FILE IMAGEइसलिए बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर में भगवान शिव और माता पार्वती के मंदिर को लाल धागों से जोड़ा गया है। देवघर को शिव शक्ति मिलन स्थल भी कहते हैं।
Image Source : FILE IMAGEबैद्यनाथ धाम को बाबा की नगरी भी कहा जाता है। कहते हैं कि देवघर के इस मंदिर के दर्शन मात्र से भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण हो जाती है।
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