

भगवान कृष्ण के मोर मुकुट धारण करने के पीछे कई कारण बताये जाते हैं। आइए इनमें से कुछ के बारे में जानते हैं।
Image Source : Fileएक कथा के अनुसार, राधा जी के प्रेम की निशानी के रूप में भगवान कृष्ण ने मोर मुकुट धारण किया था।
Image Source : Fileवहीं एक अन्य कथा की मानें तो, एक मोर ने सीता जी की खोज में निकले राम जी की मदद की थी, इसलिए श्रीराम ने मोर से कहा था कि वो उसका ऋण अवश्य चुकाएंगे।
Image Source : Fileमान्यताओं के अनुसार, इसीलिए कृष्ण जन्म में भगवान ने मोर का मुकुट अपने मस्तक पर धारण किया।
Image Source : Fileवहीं कुछ ज्योतिष जानकार मानते हैं कि श्रीकृष्ण की कुंडली में कालसर्प दोष था।
Image Source : Fileइसलिए कृष्ण भगवान ने मोर मुकुट धारण किया था ।
Image Source : Fileमोर पंख कई रंगों से भरा है, मनुष्य जाति को जीवन के सभी रंगों का अनुभव करना चाहिए ये संकेत भी भगवान कृष्ण मोर मुकुट धारण करके देते हैं।
Image Source : Fileअगर भगवान कृष्ण की ही तरह आप भी अपने पास या अपने घर में मोरपंख रखते हैं, तो माना जाता है कि आपके जीवन में सकारात्मकता आती है।
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