

रामायण का ध्यान करते ही हर किसी के मन में मां सीता के स्वंयवर की तस्वीर जरूर आती है।
Image Source : INDIA TVसीता स्वंयर में पहुंचे दशरथ नंदन भगवान राम ने शिव धनुष को तोड़ा था तब जाकर उनका विवाह माता जानकी के साथ तय हुआ था।
Image Source : INDIA TVमान्यताओं के मुताबिक, मिथिला के राजा जनक जी ने प्रतिज्ञा की थी कि वह सीता जी का विवाह उसी पुरुष से करेंगे जो इस शिव धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाएगा।
Image Source : INDIA TVकहा जाता है कि जब भगवान राम ने शिव धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाया था, उसी समय शिव धनुष टूट कर 3 हिस्सों में बंट गया था।
Image Source : INDIA TVशिव धनुष का एक हिस्सा जहां गिरा उस जगह को धनुषा के नाम से जाना जाता है। धनुषा नेपाल के जनकपुर धाम के पास स्थित है।
Image Source : INDIA TVयहां आपको बता दें कि सीता स्वंयर के दौरान जो धनुष प्रभु राम ने तोड़ा था उसका असली नाम पिनाक था।
Image Source : INDIA TVपिनाक धनुष भगवान शिव का धनुष था जिसे परशुराम जी ने राजा जनक को दिया था।
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