

चातुर्मास हिंदू पंचांग के चार महीनों श्रावण, भाद्रपद, आश्विन और कार्तिक को कहा जाता है।
Image Source : Fileइसकी शुरुआत देवशयनी एकादशी से होती है जो साल 2024 में 17 जुलाई को है।
Image Source : Fileचातुर्मास के दौरान जगत के पालनहार भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाते हैं। इसलिए कोई भी मांगलिक कार्य इस दौरान नहीं किया जाता।
Image Source : Fileइन 4 महीनों में सृष्टि का कार्यभार भगवान शिव के हाथों में होता है, इसलिए शिव आराधना से इस दौरान शुभ फल मिलते हैं।
Image Source : Fileइस अवधि में ईश्वर का ध्यान करने का बड़ा महत्व है। साथ ही मंत्र जप और साधना से मानसिक शक्ति भक्तों को प्राप्त होती है।
Image Source : Fileपूजा, व्रत, कावड़ यात्रा आदि करना चातुर्मास के दौरान लाभकारी माना जाता है।
Image Source : Fileइसके साथ ही योग-ध्यान करने से व्यक्ति का आध्यात्मिक विकास होता है।
Image Source : Fileइसलिए चातुर्मास को हिंदू धर्म में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, इस समय बाकी कार्यों से ज्यादा ईश्वर का ध्यान और ज्ञान प्राप्त करना चाहिए।
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