

देवराज इंद्र का वज्र और ब्रह्मास्त्र ये दोनों ही पौराणिक काल के सबसे शक्तिशाली शस्त्रों में गिने जाते हैं।
Image Source : canvaलेकिन अक्सर यह बहस छिड़ती है कि इन दोनों में से सबसे शक्तिशाली कौन था?
Image Source : canvaवज्र का निर्माण महर्षि दधीचि की हड्डियों से हुआ था। कहते हैं इसका प्रहार कभी खाली नहीं जाता था। यह बिजली की गति से चलता है और शत्रु के रक्षा कवच तक को भेदने की ताकत रखता था।
Image Source : Canvaकहते हैं इंद्र ने इसी वज्र से वृत्रासुर का वध किया था। कहते हैं वृत्रासुर को वरदान प्राप्त था कि उसे कोई भी धातु या लकड़ी का हथियार नहीं मार सकता था।
Image Source : Geminiवहीं अगर अगर ब्रह्मास्त्र की बात करें तो ये शारीरिक बल से अधिक मानसिक और मंत्र की शक्ति पर आधारित था। जिसका ज्ञान कम ही योद्धाओं को था।
Image Source : canvaइसकी तुलना आधुनिक परमाणु बमों से की जाती है। बल्कि ऐसा माना जाता है कि ये परमाणु बमों से भी ज्यादा विनाशकारी था।
Image Source : canvaकहते हैं कि एक बार लक्ष्य निर्धारित होने पर ब्रह्मास्त्र उसे ढूंढकर नष्ट कर देता है और ये आने वाली पीढ़ियों और प्रकृति तक को नष्ट करने की ताकत रखता था।
Image Source : canvaब्रह्मास्त्र को रोक पाना हर किसी के बस की बात नहीं थी। इसे केवल एक दूसरा ब्रह्मास्त्र या उसे चलाने वाला ही रोक सकता था।
Image Source : canvaयदि विनाश की क्षमता को देखें तो ब्रह्मास्त्र वज्र से कई गुना अधिक शक्तिशाली था। वज्र जो एक योद्धा को मार सकता है या फिर सेना को तितर-बितर कर सकता था लेकिन ब्रह्मास्त्र पूरे भूगोल को बदलने की क्षमता रखता था।
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