

कार्तिक शुक्ल एकादशी के दिन तुलसी विवाह का पर्व मनाया जाता है। इस दिन किए गए उपाय विवाह में आ रही देरी को दूर कर सकते हैं।
Image Source : pixabayतुलसी माता और भगवान शालिग्राम के विवाह को कन्यादान के समान पुण्यकारी माना गया है। इस दिन व्रत और पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
Image Source : unsplashज्योतिषाचार्यों के अनुसार, साल 2025 में 1 नवंबर, शनिवार को तुलसी विवाह का उत्सव मनाया जाएगा।
Image Source : unsplashशास्त्रों के अनुसार तुलसी में स्वयं मां लक्ष्मी का वास होता है। प्रतिदिन तुलसी को जल अर्पित करने और दीपक जलाने से घर में धन-धान्य और सौभाग्य बना रहता है।
Image Source : unsplashवास्तु के अनुसार घर में तुलसी का पौधा लगाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और वैवाहिक जीवन में खुशियां आती हैं।
Image Source : freepikजिन युवक-युवतियों की शादी में बाधा आ रही है, वे तुलसी विवाह के दिन व्रत रखकर तुलसी माता की पूजा करें और दूध में हल्दी डालकर तुलसी को अर्पित करें।
Image Source : freepikइसके बाद षोडशोपचार विधि से पूजा करें, श्रृंगार की वस्तुएं अर्पित करें और संध्या के समय तुलसी के नीचे घी का दीपक जलाएं। मान्यता है कि ऐसा करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है।
Image Source : Freepikमान्यता है कि तुलसी विवाह या पूर्णिमा के दिन व्रत रखने से गुरु और सूर्य के दोष शांत होते हैं। इससे विवाह संबंधी रुकावटें कम होती हैं और रिश्तों में स्थिरता आती है।
Image Source : unsplashऐसा कहा जाता है कि तुलसी विवाह के दिन श्रद्धा और नियम से किए गए उपाय व्यक्ति के विवाह योग को प्रबल बनाते हैं और शीघ्र ही शहनाई बजती है।
Image Source : unsplashNext : Rudraksh Se Jude Niyam: इस तरह का रुद्राक्ष कभी न पहनें, लाभ की जगह हो जाएगी हानि