

दिवाली पर दीपक जलाने का बहुत महत्व है, लेकिन दीपक जलाने का सही तरीका और नियमों के बारे में पता होना चाहिए। वरना मां लक्ष्मी नाराज हो सकती है।
Image Source : Pexelsवास्तु के अनुसार दीपकों की संख्या हमेशा विषम में रखें, जैसे 5, 7, 9, 11, 21 या 108 दीपक शुभ माने जाते हैं। इससे घर में ऊर्जा का संतुलन बना रहता है और सौभाग्य बढ़ता है।
Image Source : Pexelsदीपावली पूजा की शुरुआत में सबसे पहला दीपक घर के मंदिर में जलाएं। घी का दीपक सरसों के तेल के दीपक से अधिक शुभ और सात्त्विक माना जाता है।
Image Source : Pexelsघर के मुख्य द्वार, लिविंग रूम, रसोई के आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व), तुलसी के पौधे के पास, पीपल के पेड़ के नीचे और छत या बालकनी पर दीपक जरूर जलाएं। यह शुभता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रसार करता है।
Image Source : Pexelsधार्मिक मान्यता है कि एक दीपक से दूसरा दीपक जलाना अशुभ होता है। हर दीपक को अलग से जलाएं। दीपक बुझ जाए तो उसे हाथ या फूंक से न बुझाएं, यह मां लक्ष्मी का अनादर माना जाता है।
Image Source : Pexelsदिवाली के बाद मिट्टी के दीपकों को किसी पवित्र नदी में प्रवाहित करें या पीपल या तुलसी के पेड़ के नीचे रख दें। यह शुद्धता और परंपरा दोनों का सम्मान है।
Image Source : Pexelsटूटा हुआ या खंडित दीपक जलाना अशुभ माना जाता है। ऐसा करने से धन हानि और नकारात्मकता का प्रवेश होता है। हमेशा संपूर्ण और स्वच्छ दीपक का ही उपयोग करें।
Image Source : Pexelsअगर आप पीतल, चांदी या अन्य धातु के दीपक का उपयोग करते हैं, तो उन्हें पूजा से पहले अच्छी तरह साफ करें। दीपक को अग्नि से शुद्ध करने के बाद ही पुनः उपयोग में लाएं। यह पर्यावरण के प्रति सजगता दिखाता है।
Image Source : Freepikअगर दीपकों का विसर्जन न करना चाहें, तो उन्हें घर की सजावट या आर्ट क्राफ्ट में दोबारा इस्तेमाल कर सकते हैं। यह न सिर्फ पर्यावरण अनुकूल है, बल्कि आपके घर को भी सुंदर बनाता है।
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