

हिंदू धर्म में किसी भी पूजा पाठ में हवन का बेहद ही महत्व होता है। हवन करने वाले व्यक्ति को भी दक्षिण-पूर्व में मुंह करके बैठना चाहिए।
Image Source : freepikदेवी अष्टगंध के अलावा जौ, गुग्गुल, तिल इत्यादि से यज्ञ करने से उत्पन्न धुएं से न केवल व्यक्ति के दिमाग का माइंड एंड बॉडी कोऑर्डिनेशन ठीक होता है बल्कि घर के वास्तु में और घर की कलेक्टिव बायोक्लॉक में बड़े ही पॉजिटिव बदलाव आते हैं।
Image Source : pixabayपृथ्वी के उत्तरी और दक्षिणी ध्रुवों के बीच बहने वाली इलेक्ट्रो मैग्नेटिक तरंगों के बीच बसे हमारे घर में अग्नि कोण, हवन के लिए सबसे अच्छा होता है।
Image Source : pixabayघर के अग्नि कोण, यानि दक्षिण-पूर्व का कोना, यानि घर का वो हिस्सा जहां दक्षिण और पूर्व दिशायें मिलती हों, वहां बैठकर हवन करना सबसे अच्छा होता है।
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